Showing posts with label Farmer freinds. Show all posts
Showing posts with label Farmer freinds. Show all posts
Monday, December 10, 2012
Friday, January 13, 2012
Thursday, December 29, 2011
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
खेताँ में लागी पाठशाला,
चलो तो राजा आज दिखाऊँगी.
तम तो कहो थे के बैध बनोगी?
चलो तो राजा तेरै स्यामी कराऊंगी..
स्यामी ऐ कराऊँ, तेरा पेटा भराऊँगी...
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी...
सुसरा लड़ेगा, पाछा फेर कै लडूंगी.
आजा री सासु तनै माईट दिखाऊँगी,
चुर्ड़ा दिखाऊँ, तनै बनिया दिखाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
जेठा लड़ेगा घूँघट काढ कै लडूंगी,
आजा री जेठानी, तनै कीड़े दिखाऊँगी,
कीड़े दिखाऊँ, तनै फायदे गिनाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
देवर लड़ेगा, घूँघट खोल कै लडूंगी,
आजा ऐ दुरानी, तनै पिछाण कराऊंगी,
पिछाण कराऊँ, तनै डाक्टर बनाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी......
पिया जी लड़ेगा, पहलां प्रेम तै लडूंगी,
फेर भी ना माना तो, मैं स्यामी ऐ भिड़ऊँगी,
स्यामी ऐ भिड़ऊँगी, मैं तो स्प्रे हड़ऊँगी,
फेर भी ना माना तो, दिखोड़ी ऐ लड़ाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
चलो तो राजा आज दिखाऊँगी.
तम तो कहो थे के बैध बनोगी?
चलो तो राजा तेरै स्यामी कराऊंगी..
स्यामी ऐ कराऊँ, तेरा पेटा भराऊँगी...
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी...
सुसरा लड़ेगा, पाछा फेर कै लडूंगी.
आजा री सासु तनै माईट दिखाऊँगी,
चुर्ड़ा दिखाऊँ, तनै बनिया दिखाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
जेठा लड़ेगा घूँघट काढ कै लडूंगी,
आजा री जेठानी, तनै कीड़े दिखाऊँगी,
कीड़े दिखाऊँ, तनै फायदे गिनाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
देवर लड़ेगा, घूँघट खोल कै लडूंगी,
आजा ऐ दुरानी, तनै पिछाण कराऊंगी,
पिछाण कराऊँ, तनै डाक्टर बनाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी......
पिया जी लड़ेगा, पहलां प्रेम तै लडूंगी,
फेर भी ना माना तो, मैं स्यामी ऐ भिड़ऊँगी,
स्यामी ऐ भिड़ऊँगी, मैं तो स्प्रे हड़ऊँगी,
फेर भी ना माना तो, दिखोड़ी ऐ लड़ाऊँगी,
पाठशाला में तेरा नाम लिखाऊँगी....
Monday, September 21, 2009
Monday, August 3, 2009
Sunday, August 2, 2009
Sunday, May 10, 2009
PARASITOIDIC WASP !!
This is full grown larva of a tinny wasp called locally as ANGIRA say Aenasius spps. that was feeding upon the mealybug from inside
.This has bee scissored out from inside the body of a mealybug by the farmers of Nidana with the help of their nails in the cotton field. See the mummified body of mealybug which had turned dark brown because of feeding by this larva from the inside.
.This has bee scissored out from inside the body of a mealybug by the farmers of Nidana with the help of their nails in the cotton field. See the mummified body of mealybug which had turned dark brown because of feeding by this larva from the inside.
Wednesday, February 25, 2009
अंगीरा-किसान का स्वभाविक मित्र
परजीवी,परभक्षी व रोगाणुओं के अलावा मिलीबग के दुश्मन परजीव्याभ भी होते हैं। परजीव्याभ अपने आश्रयदाता से छोटे होते हैं तथा अपना जीवन चक्र पुरा करने के लिए एक ही आश्रयदाता की भेंट लेते हैं। जिला जींद में निडाना के किसानों ने ऐसी ही एक परजीव्याभ संभीरका राजेश पुत्र महाबीर के खेत में कपास के पौधों पर मिलीबग के पेट में पलती हुई पकड़ी है। इसका नाम उन्होंने अंगीरा रखा है। अंगीरा का प्रौढ़ तो स्वतन्त्र जीवन जीता है पर इसकी बाल्यवस्था मिलीबग के पेट में पुरी होती है। आपको मालूम हो कि यह सम्भीरका मिलीबग के पेट में अपने अंडे से लेकर प्रौढ़ होने तक तक़रीबन पंद्रह दिन का समय लेती है। इस प्रक्रिया में मिलीबग को मिलती है -मौत। मिलीबग को परजीव्याभीत करने वाले इस भीरडनुमा जन्नौर को वैज्ञानिक अपनी भाषा में इसे एनासिय्स कहते है।
Monday, February 2, 2009
Subscribe to:
Posts (Atom)




